Gyanvapi Masjid: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही

वाराणसी। Gyanvapi Masjid: ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में कमीशन की कार्यवाही अपने निर्धारित वक्त से शुरू हो सके इसे लेकर जिला प्रशासन ने शनिवार की सुबह से ही कड़ी व्यवस्था की है। वाराणसी में ज्ञानवापी परिषद से लगभग एक किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग करके सभी को रोक दिया गया है। पुलिस द्वारा गोदौलिया और मैदागिन से आने वाले सारे वाहनों को परिसर की ओर आने से रोक दिया गया। वहीं बाबा दरबार में आने वालों की भी कड़ी जांच पड़ताल की गई। वहीं पहले दिन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे पूरी हो गई। अब शेष कार्यवाही कल रविवार को पूरी की जाएगी। प्रशासन के अनुसार अब तक 50 फीसद तक सर्वे का काम हो चुका है।

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सुबह आठ बजे तक अमूमन पूरी टीम परिसर में दाखिल हो चुकी थी। जबकि टीम में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों की टीम की भी सुबह नौ बजे तक परिसर में आमद हो चुकी थी। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से एक- एक क्षेत्र का सर्वे शुरू किया गया। वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) में तहखाना खोल दिया गया है, उसमें एक जहरीला सांप भी मिलने की अपुष्‍ट सूचना मिली जिसे पकड़ने के लिए वन विभाग और सपेरों से भी संपर्क करने की भी जानकारी सामने आई। दोपहर तक परिसर में टीम ने संबंधित क्षेत्रों में चक्रमण कर जायजा लिया और संबंधित की वीडियोग्राफी भी की।

रविवार को भी होगा सर्वे

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार एडवोकेट कमिश्नर समेत वादी-प्रतिवादी पक्ष के कुल 52 सदस्‍यों ने मस्जिद परिसर में प्रवेश किया। वहीं सुरक्षा कारणों से टीम के सभी लोगों का मस्जिद में प्रवेश से पहले ही मोबाइल बाहर ही सुरक्षा टीम द्वारा जमा करा लिया गया। इस दौरान सुरक्षा दस्‍तों के साथ सदस्‍यों की बहस भी हुई। हालांकि, शेष लोगों के समझाने बुझाने के बाद लोगों ने अपनी मोबाइल जमा भी कर दी। ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) के पश्चिमी द्वार के बेसमेंट का सर्वे शनिवार को दोपहर 12 बजे तक पूरा कर लिया गया। अब शेष क्षेत्रों और बेसमेंट का रविवार को फिर से सर्वे किया जाएगा।

बोले वादी और प्रतिवादी

अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता रईस अहमद ने कहा कि कमीशन की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में आंशिक रुप से (लगभग 50 प्रतिशत) संपन्न हुई है। शेष कार्यवाही कल पूरी की जाएगी। सभी का पूरा सहयोग मिला। वादी पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी व सुभाष नंदन चतुर्वेदी का कहना है कि सभी पक्षों का भरपूर सहयोग मिला। किसी पक्ष ने कोई अवरोध उत्पन्न नहीं किया। कार्यवाही सुचारु रूप से संपन्न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा से लेकर मौके पर लाइट, सफाईकर्मियों आदि की उचित व्यवस्था की गई थी।

करीब से देखा दीवारों को

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में टीम ने मस्जिद परिसर (Gyanvapi Masjid) की दीवारों को करीब से देखा और बनावट की शैली को भी करीब से निहारा और साक्ष्‍यों को कैमरे में कैद किया। तहखाने में अंधेरा होने की वजह से इलेक्ट्रिक रोशनी की व्‍यवस्‍था की गई और परिसर में सीलन और दुर्गंध से भरे तहखाने में एक एक कर टीम के सदस्‍यों ने प्रवेश किया। भीतर की बनावट और पुरातन शैली को भी टीम ने देखा, परखा और साक्ष्‍यों का संकलन किया। इस दौरान सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी होने की वजह से मस्जिद परिसर (Gyanvapi Masjid) को पूरी तरह से खाली कराया गया और परिसर में सुनिश्चित किया गया कि कोई भी बाहरी व्‍यक्ति मौजूद न रहे। जबकि आसपास का पूरा क्षेत्र जहां सील रहा वहीं करीब आने वालों को पूछताछ के बाद हिदायत देकर लौटा दिया गया।

पहले दिन देर से शुरू हुई कार्यवाही

प्रशासिनक सूत्रों के अनुसार सबसे पहले तहखानों में पड़े ताले को खोलकर भीतर की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। इसके बाद दोनों पक्षों की मौजूदगी में एडवोकेट कमिश्‍नर की मौजूदगी में वीडियोग्राफी भी गई। वहीं सुरक्षा व्‍यवस्‍था को लेकर डीजीपी और मुख्य सचिव भी लगातार कमिश्‍नर की कार्यवाही का जायजा ले रहे हैं। एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही का दौर शुक्रवार सुबह नौ बजे से शुरू हो गया। इस बाबत सभी पक्षों को आवश्‍यक दस्‍तावेज उपलब्‍ध करा दिया गया और प्रशासन ने एक दिन पूर्व ही परिसर के ताले की चाबी मांगने के साथ ही परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। सुबह सुनिश्‍चित किया गया कि परिसर में कोई भी अन्‍य व्‍यक्ति की मौजूदगी न रहे। सभी पक्षों के साथ सुबह आठ बजे के बाद एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही के लिए जिला पुलिस की ओर से कड़ाई शुरू कर दी गई।

सुरक्षा कड़ी की गई

किसी भी तरह का पैदल मूवमेंट या गाड़ियों का मूवमेंट इस सड़क पर न हो इसकी पुख्‍ता व्‍यवस्‍था की गई है। इसके अलावा गलियों पर भी भारी पीएसी की तैनाती की गई है। पुलिस फोर्स के साथ चप्पे- चप्पे पर लोकल पुलिस और पीएसी के साथ पैरामिलिट्री फोर्सेस की तैनाती की गई है। फिलहाल विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन और पांचों महिलाओं में चार वादी जिनमें मंजू व्यास, सीता साहू, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी यहां मौजूद हैं। गेट संख्या एक पर बैरिकेडिंग कर भारी फोर्स लगाई गई है।चौक थाने के पास बैरिकेडिंग की गई है। बैरिकेडिंग के आगे वही जा सकता है जिसका नाम पुलिस की लिस्ट में है। वहीं चौक से बांसफाटक तक जबरदस्त सुरक्षा व्‍यवस्‍था की गई है।

शनिवार को चार घंटे कार्रवाई

कोर्ट की गठित टीम ने परिसर में बने तहखानों और उसके अलग- अलग हिस्‍सों को सुबह नौ बजे के बाद काफी करीब से निहारा। सभी की कई एंगल से वीडियोग्राफी करवाई गई। टीम ने एक एक कर तहखाने के अलग अलग हिस्‍सों को जांचा है। सूत्रों के अनुसार टीम ने पहले ग्राउंड फ्लोर पर ग्रिल और बैरिकेडिंग के आसपास साक्ष्‍यों का संकलन किया है। वहीं अदालत के आदेश पर परिसर की वीडियोग्राफी के लिए विशेष कैमरा और विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई है। इसके पूर्व सुबह आठ बजे गेट नंबर-4 से ज्ञानवापी परिसर में जांच टीम ने प्रवेश किया और दोनों पक्षों की सहमति से टीम ने जांच शुरू की। दूसरी ओर वर्षों से बंद तहखाने में बिजली की व्यवस्था नहीं होने और काफी अंधेरा व सीजन होने की वजह से टीम बैटरी वाली बड़ी टार्च लेकर पहुंची।

जांच की कार्रवाई को पुख्‍ता करते हुए सुरक्षा के लिहाज से आसपास के घरों और छतों पर रूफ टॉप सुरक्षा बलों की तैनाती सुबह सात बजे ही कर दी गई। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए आस्‍थावानों को गेट नंबर-1 से प्रवेश कराया गया, जबकि ज्ञानवापी के पास मौजूद गेट नंबर चार को पूरी तरह से बाहरी लोगों के लिए बंद कर दिया गया। शनिवार को सुबह नौ बजे तक आदेश में शामिल सभी लोग परिसर में पहुंच चुके थे और दोपहर 12 बजे तक आदेश के अनुरूप ही जांच की गई। अधिकारियों ने कुल चार घंटे तक कार्रवाई की जानकारी दी है।

बोले एडवोकेट कमिश्‍नर

इस पूरे प्रकरण में बातचीत करते हुए जितेंद्र सिंह बिसेन ने कहा कि कमीशन की कार्यवाही आज शुरू होगी। दो बार कार्यवाही को रोका गया था। लेकिन, आज कार्रवाई पूरी हो पाएगी इसका पूरा विश्वास है। तीन दिन तक कार्यवाही को करने का समय हमें मिला है। कोशिश होगी कि आज अधिक से अधिक कार्य पूरा किया जाए और कल रविवार होने के बाद भी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। सोमवार को भी कार्यवाही जारी रहेगी क्योंकि 17 तारीख यानी मंगलवार को रिपोर्ट सबमिट करनी है। लेकिन, यदि जरूरत पड़ी तो कार्रवाई पूरी नहीं हुई तो कोर्ट से अनुमति लेकर 17 तारीख को भी कार्यवाही पूर्ण करने के बाद रिपोर्ट फाइल की जाएगी।

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