ग्रीष्मकाल में प्रदेश में कही भी पानी की न हो किल्लत: मुख्यमंत्री

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देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में सिंचाई व पेयजल विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये की ग्रीष्मकाल में प्रदेश में कही भी पानी की किल्लत न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने प्रदेश में पानी की कमी वाले स्थानों पर टेंकरों के माध्यम से पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था के भी निर्देश

मुख्यमंत्री ने यात्रामार्गों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों व श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था के भी निर्देश दिये है। उन्होंने इसके लिये सिंचाई, पेयजल व जल संस्थान को आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं की प्राथमिकता स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने जमरानी व सोंग बांध के साथ ही सूर्यधार व मलढुंग झील से सम्बन्धित योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। देहरादून बनने वाला सोंग बांध देश का मॉडल बांध बने इस दिशा में प्रयास किये जाए तथा इसके निर्माण में जल संवर्धन जलाधारित अवस्थापना सुविधाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा।

स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित करने के निर्देश

उन्होंने सूर्यधार व मलढुंग झीलों के निर्माण की प्रगति पर संतोष प्रकट करते हुए गैरसेण, गगास, खरकोट, ल्वाली व लोहाघाट आदि मे बनने वाली झीलों के निर्माण में भी तेजी लाने को कहा। उन्होंने इन स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को भैरवगढ़ी पेयजल योजना का लाभ लैंसडाउन की अधिक से अधिक आबादी को उपलब्ध हो इस पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने पेयजल आपूर्ति के साथ ही सीवरेज से सम्बन्धित एडीबी द्वारा संचालित योजनाओं के रख-रखाव की भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा।

लम्बे अर्से से एक ही स्थान पर तैनात कार्मिकों की अन्यत्र की जाए तैनाती

मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के विकास पर ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि अपने कार्य के प्रति उदासीन ऐसे कार्मिकों जो काफी लम्बे अर्से से एक ही स्थान पर तैनात है, उनकी अन्यत्र तैनाती की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आय के संसाधनों के विकास पर भी ध्यान देने के निर्देश दिये।

बैठक में उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण समिति श्री रिपुदमन सिंह रावत, सचिव डा. भूपेन्दर कौर औलख, मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान श्री सुधीर शर्मा, मुख्य अभियन्ता सिंचाई श्री ए.के.दिनकर व संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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