दो युवतियों ने आपस में रचाई शादी, कोर्ट में कराया पंजीकृत

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हरिद्वार। समलैंगिकता को कानूनी अधिकार मिलने के बाद नगर में समलैंगिकता से जुड़ा एक मामला प्रकाश में आया है। इसमें दो युवतियों ने आपस में शादी कर कोर्ट में उसको पंजीकृत कराया तथा पुलिस से सुरक्षा की मांग की न्यायालय द्वारा पुलिस को दोनों युवतियों की सुरक्षा के जाने के आदेश दिए गए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समलैंगिकता को कानूनी अधिकार दिए जाने के बाद अब समलैंगिकता में विश्वास रखने वाले लोगों को आजादी मिल गई है। इस तरह का मामला हरिद्वार जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में सामने आया है। नगर की दो युवतियों ने आपस में शादी की। शादी को उन्होंने पूर्ण रूप से पंजीकृत कराया। उसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में सुरक्षा गुहार लगाते हुए कहा कि उनके परिवारों से उन्हें खतरा है, लिहाजा उन्हें सुरक्षा प्रदान कराई जाए।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय मोहल्ला किला निवासी साजिया व मोहल्ला मलकपुरा निवासी रजिया ने आपस में समलैंगिकता के आधार पर विवाह रचा लिया। इसके बाद दोनों ने अपनी शादी को पंजीकृत कराया। समाज में किसी प्रकार का कोई बखेड़ा खड़ा ना हो तथा उन्हें किसी प्रकार की हानि न पहुंचे इसके लिए उन्होंने उच्च न्यायालय नैनीताल में सुरक्षा के लिए गुहार लगाई।

न्यायालय ने उनके प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए मंगलौर पुलिस को दोनों युवतियों की सुरक्षा किए जाने के आदेश दिए। समलैंगिकता के आधार पर विवाह करने वाली दोनों युवतियों ने अपने परिवारों पर आरोप लगाया था कि उनके परिवार के लोग उनके जीवन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। न्यायालय के आदेश जब पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस युवतियों के परिवार के पास पहुंची युवतियों के परिवारों का कहना था कि उन्हें दोनों से ही कोई मतलब नहीं है। जैसा उन्होंने किया है वह उसके लिए स्वयं जिम्मेदार है क्योंकि दोनों ही बालिग है।

चर्चा का विषय बनी ये शादी

उक्त घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिकता को कानून का अधिकार दिए जाने के बाद मंगलौर जैसे छोटे कस्बे में इस प्रकार की यह पहली घटना है। शहर पुलिस चैकी पर तैनात उपनिरीक्षक धनपाल शर्मा का कहना है कि उनके द्वारा दोनों युवतियों के परिजनों को साफ तौर पर कहा गया है कि उनको किसी प्रकार से परेशान न किया जाए। साथ ही उन्हें हरसंभव सुरक्षा प्रदान की जाएगी। न्यायालय के आदेशों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा।

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