KANWAR 2026 : कांवड़ मेले की विधिवत शुरुआत, शिवमय हुई धर्मनगरी; 18 सुपर जोन में 6000 जवान तैनात

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हरिद्वार: KANWAR 2026  सावन महीने के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में गुरुवार से कांवड़ मेले की विधिवत शुरुआत हो गई है. बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं और अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं. शासन प्रशासन ने कांवड़ मेले की सुरक्षा की पूरी तैयारी कर की है. चूंकि इस बार अनुमान है कि कांवड़ मेले में आने वाले कांवड़ियों का आंकड़ा 5 करोड़ तक पहुंच सकता है, इसलिए कांवड़ मार्ग पर पेयजल और शौचालय की बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं. इसके साथ ही हरिद्वार जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ियों में आज से 11 अगस्त तक छुट्टियां हो गई हैं. हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई होगी.

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कांवड़ मेला 2026 शुरू

पूरे कांवड़ मेला (KANWAR 2026)  क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जाेन और 141 सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की गई है. सुरक्षा की दृष्टि से 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही 13 कंपनी पैरामिलेट्री फोर्स और पीएसी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. डॉग स्क्वॉयड और बीडीएस की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं. मेले की शुरुआत में पैदल कावड़ियों का आवागमन हो रहा है. महाशिवरात्रि के नजदीक आते ही डाक कांवड़ की शुरुआत भी हो जाएगी. इसलिए लाखों वाहनों के लिए कई अस्थाई पार्किंग बनाई गई हैं. साथ ही बृहद ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है.

कांवड़ पटरी और हाईवे से गुजरेंगे कांवड़िए

कांवड़ मेले (KANWAR 2026)  की शुरुआत से कांवड़ पटरी को सुचारू कर दिया गया. पहले दिन बोल बम, हर हर महादेव के उद्घोष के साथ कांवड़िए गंगाजल भरकर हरकी पैड़ी से अपने गंतव्यों को रवाना हो रहे हैं. वहीं बड़ी कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़िए हाईवे के किनारे से गुजरते नजर आए. अभी शुरुआत में पैदल कांवड़ियों के दल हरिद्वार पहुंच रहे हैं. महाशिवरात्रि के पर्व के नजदीक आते ही डाक कांवड़ की शुरुआत होगी.

साधु संतों ने की व्यसन मुक्त कांवड़ यात्रा की अपील

वहीं कांवड़ मेले (KANWAR 2026) को लेकर साधु संत भी उत्साहित हैं. साधु संतों ने सरकार द्वारा कांवड़ मेले के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की. जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने बताया कि-

डीएम ने विभागों के संयोजन पर दिया जोर

हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित ने ड्यूटी स्थल के आसपास अन्य विभागों के साथ सही संयोजन बनाए रखने एवं आवश्यकता आपस में चर्चा कर निर्णय लिए जाने पर जोर दिया है. एसएसपी नवनीत सिंह ने मेले में नियुक्त समस्त फोर्स से कहा है कि कांवड़ यात्रा (KANWAR 2026) के समय लगातार वर्षा होने की संभावना है. सभी पुलिसकर्मी अपने साथ डंडे के साथ ही टॉर्च व रेन कोर्ट भी रखें. भुल्लर ने बताया कि कांवड़ यात्रा की लंबी और थकान भरी ड्यूटी के बीच भक्तिभाव को प्राथमिकता देते हुए आक्रोशित भावनाओं पर नियंत्रण आवश्यक है. छोटी घटनाएं कई बार बड़ा रूप ले लेती हैं.

कांवड़ मेले के चलते यातायात में बदलाव

इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारम्भ हुआ है. सावन माह में 04 सोमवार पड़ेंगे. पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चतुर्थ सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा. श्रावण मास की शिवरात्रि का मुख्य पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा. इसे देखते हुए हरिद्वार जनपद में ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया गया है.

सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वाले रहें सावधान

हाल के दिनों में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और इंटरनेट के माध्यम से अफवाह फैलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं. पुलिस का मानना है कि कांवड़ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भ्रामक संदेश, फर्जी न्यूज और फर्जी वीडियो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं. ऐसे में साइबर कमांडो की विशेष टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी. किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट को तुरंत चिन्हित कर उसे हटाया दिया जाएगा. संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. सभी कमांडो मेला कंट्रोल रूम में बने साइबर सेल में तैनात होंगे और साइबर पुलिस इनकी सहायता करेगी.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को नो एंट्री

इस बार सबसे बड़ी व्यवस्था दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी एक्सप्रेसवे को लेकर बनाई गई है. पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कांवड़िये को इस एक्सप्रेसवे पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. इसके लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है.

भगवानपुर बॉर्डर से ही श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा, ताकि एक्सप्रेसवे केवल सामान्य वाहनों, एम्बुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए खुला रहे. प्रशासन का मानना है कि यदि एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई तो दिल्ली और देहरादून के बीच बनने वाला तेज यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा, जिससे देहरादून में भारी भीड़ हो जाएगी. इसका असर देहरादून की जनता पर पड़ेगा. इसलिए सीमा से ही निगरानी बढ़ाई जाएगी और हर प्रवेश बिंदु पर पुलिस बल तैनात रहेगा. सामान्य यातायात के लिए एक्सप्रेसवे खुला रहेगा.

कांवड़िए इन बातों का रखें ध्यान

हरिद्वार पुलिस ने इस बार श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है. यात्रा में किसी भी प्रकार के जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर, नुकीले भाले, त्रिशूल, तलवार या अन्य हथियार लेकर आने पर पूरी तरह रोक है. पैदल कांवड़ की ऊंचाई 6 फीट और झांकी की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी. दरअसल ऊंची कांवड़ से बिजली की लाइनों से दुर्घटना का खतरा रहता है. शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन की हालत में हरिद्वार में प्रवेश नहीं मिलेगा. प्रत्येक श्रद्धालु को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा. चलती ट्रेन की छत या अन्य असुरक्षित स्थान पर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

हरिद्वार के स्कूलों में 11 अगस्त तक छुट्टी

कांवड़ मेले के दौरान कांवड़ियों की भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था डायवर्ट होने के कारण जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है. अवकाश अवधि में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं.

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