हाई कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को महिला मानने के निर्देश राज्य सरकार को दिए

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नैनीताल : हाई कोर्ट ने लिंग परिवर्तन कर महिला बनी याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार महिला मानने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। कोर्ट ने विपक्षी की जमानत खारिज करने की मांग करते हुए दायर प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। याचिकाकर्ता शिल्पी लॉरेंस ने याचिका दायर कर कहा है कि वह लिंग परिवर्तन कर लड़की बन गई है, इसलिए उसे लड़की ही माना जाए।

याचिकाकर्ता के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने नाल्सा बनाम भारत सरकार के केस में अवधारित किया है कि जो पुरुष ट्रांसजेंडर से महिला बनेगी, उसे महिला माना जाएगा जबकि जो महिला से पुरुष बनेगा, उसे पुरुष माना जाएगा।

याचिकाकर्ता के अनुसार पुलिस उसे महिला नहीं मान रही है। सरकार द्वारा याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को महिला नहीं माना जा सकता। कहा कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में कानून नहीं बनाया जाता। न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ता ने आरोपित परीक्षित जोशी की जमानत निरस्त करने की मांग करते हुए भी प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया।

आरोपित जोशी पर याचिकाकर्ता का यौन शोषण करने का मामला दर्ज है। उसे जमानत मिल चुकी है। कोटद्वार पुलिस ने इस मामले में धारा-377 के तहत केस दर्ज किया है, जबकि याचिकाकर्ता के अनुसार मुकदमा 376 में दर्ज होना चाहिए।

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