Trump Tariff Fear : भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिकी सीनेट में बिल पर लगी पहली मुहर

192

Trump Tariff Fear :  अमेरिकी सीनेट ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस विधेयक की वजह भारत और चार अन्य देशों पर 100 फीसदी तक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का खतरा पैदा हो गया है। यह व्यापक प्रतिबंध विधेयक दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था। मंगलवार को इसे आगे बढ़ाया गया, उसी समय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिकी संसद भवन पहुंचे थे।

Haridwar Kanwar Mela 2026 : कांवड़ मेले को लेकर प्रशासन हाईअलर्ट पर, कांवड़ियों के लिए 1000 सफाई कर्मी तैनात; 300 अस्थाई शौचालय बने

इस विधेयक का मकसद यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। चीन के बाद भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।

विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए मतदान में 86 सांसदों ने इसके पक्ष में और 12 ने इसके खिलाफ मतदान किया। इस विधेयक में रूस के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने और भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी तथा अजरबैजान पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने की मंजूरी देने का प्रावधान है। इसका मकसद इन देशों की रूस की ऊर्जा पर निर्भरता को कम करना है।

रूस पर प्रतिबंध वाला यह विधेयक ऐसे समय में आया, जब पश्चिम एशिया में जंग के कारण भारत की ऊर्जा निर्भरता रूस पर बढ़ गई है। इस जंग के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल की आपूर्ति रुक गई है। पहले भारत के कुल तेल आयात का करीब 40 फीसदी हिस्सा खाड़ी देशों से आता था। इसके बाद तेल कंपनियों को रूस के कच्चे तेल को मुख्य विकल्प के रूप में अपनाना पड़ा।

सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पहले कहा था कि इस विधेयक में उन देशों को छूट दी जाएगी, जो रूस से गैस खरीदते हैं। लेकिन उनकी खरीद रूस के कुल गैस आयात के 15 फीसदी से कम है।

प्रतिबंध विधेयक का भारत पर कितना असर?

अमेरिका ने पहली बार अगस्त 2025 में रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार को लेकर कदम उठाया था। उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत पुतिन के युद्ध को बढ़ावा दे रहा है।

Bhopal farmers protest : मूंग खरीद की मांग को लेकर भोपाल में डटे हजारों किसान, 7 दिन का राशन-पानी लेकर पहुंचे

LEAVE A REPLY