भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ पूरी तरह अलर्ट

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कोलकाता। बंगाल में आठवें व अंतिम चरण के लिए चार जिलों की 35 विधानसभा सीटों पर गुरुवार सुबह से ही मतदान हो रहा है। इस चरण में सीमावर्ती मालदा व मुर्शिदाबाद जिले में भी मतदान हो रहा है जिसकी सीमाएं बांग्लादेश से लगती है। यह क्षेत्र हमेशा से ही बेहद ही संवेदनशील रहा है। पूर्व में इन क्षेत्रों में चुनाव के दौरान खूब हिंसा देखी गई है। साथ ही राजनीतिक हिंसा के लिए भी ये तीनों जिले बदनाम रहा है। इससे पहले के चुनाव में सीमा पार से एवं सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय अपराधी यहां गड़बड़ी फैलाते रहे हैं लेकिन इस बार चुनाव आयोग एवं भारत-बांग्लादेश सीमा की रखवाली करने वाली सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए पहले से अलर्ट है और विशेष एहतियाती कदम उठा रहा है।

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प्रवक्ता व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि

चुनाव के मद्देनजर सीमा पर बीएसएफ पूरी तरह अलर्ट है।दोपहर 2:00 बजे से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन बीएसएफ की चौकसी के चलते इस बार सीमा पार से भी अभी तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि चुनाव को देखते हुए हमने पहले से ही बॉर्डर पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी थी। हमारे जवान व अधिकारी पूरी तरह अलर्ट हैं। हमारे पास मौजूद उपकरणों के अलावा हम इस समय करीब दो दर्जन से ज्यादा प्रशिक्षित कुत्तों का भी बॉर्डर पर निगरानी के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।खासकर वैसे इलाके जहां अब तक फेंसिंग नहीं लगी है वहां हम विशेष नजर रख रहे हैं। इसके अलावा बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को भी हमने मतदान के मद्देनजर पहले से अलर्ट किया हुआ है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस के साथ भी हम लगातार ज्वाइंट ऑपरेशन चला रहे हैं। अपनी इंटेलिजेंस को भी बॉर्डर पर हमने पूरी तरह एक्टिव किया हुआ है।

बीएसएफ डीआइजी ने दावा किया कि

इंटेलिजेंस के माध्यम से सीमावर्ती गांवों आदि में कहीं भी यदि कोई गड़बड़ी या किसी प्रकार की अवैध गतिविधियां होती है तो हमें तुरंत पता चल जाएगा। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्र में पोलिंग बूथों के पास भी दो-तीन दिनों से हमारे जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। बीएसएफ डीआइजी ने दावा किया कि पहले की तरह आठवां व अंतिम चरण भी शांतिपूर्वक होगा। कोई चिंता की बात नहीं है। गुलेरिया ने यह भी बताया कि इस बार सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की सूची भी हमने पहले ही पुलिस को सौंप दी थी जिसके आधार पर इन दोनों जिलों में दर्जनों अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया, ताकि वे चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी ना फैला सके।

मालदा व मुर्शिदाबाद जिले में बांग्लादेश की सीमा से सटा है कई विधानसभा क्षेत्र

दरअसल, अंतिम चरण में जिन सीटों पर मतदान हो रहा है उनमें मुर्शिदाबाद जिले की सभी 11 एवं मालदा जिले की 6 सीटें शामिल है।इनमें मालदा के इंग्लिश बाजार, मानिकचक, सूजापुर, वैष्णव नगर के अलावा मुर्शिदाबाद के रेजीनगर, बेलडांगा, बहरमपुर, डोमकल, जलंगी जैसे कुछ संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र हैं जिनकी सीमाएं बांग्लादेश से लगती है। सीमा के दोनों तरफ यहां मुस्लिमों की बड़ी आबादी है। साथ ही इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा के बड़े क्षेत्र में अब तक बाड़ (फेंसिंग) नहीं लगी है, जिसके चलते आपराधिक तत्वों को इस पार से उस पार आने जाने में आसानी होती है। यह क्षेत्र लंबे समय से तस्करी व आपराधिक क्रियाकलापों के लिए भी कुख्यात रहा है।

अलकायदा के आधा दर्जन से ज्यादा आतंकियों की भी गिरफ्तारी हो चुकी है

मुर्शिदाबाद जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से कुछ माह पहले अलकायदा के आधा दर्जन से ज्यादा आतंकियों की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए सीमा पर इस समय बीएसएफ कड़ी सतर्कता बरत रही है। वहीं, सैकड़ों की संख्या में केंद्रीय बलों की कंपनियों की भी पहले से इन जिलों में तैनाती की गई है। गौरतलब है कि इन क्षेत्रों में तमाम एहतियात के बावजूद शांतिपूर्ण चुनाव कराना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।

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